*अभिनेत्री परवीन बॉबी के जन्मदिन पर हार्दिक श्रधांजलि*
परवीन बॉबी हिन्दी फ़िल्मों की एक अभिनेत्री हैं, जिन्हें 1970 के दशक के शीर्ष नायकों के साथ ग्लैमरस भूमिकाएं निभाने के लिए याद किया जाता है। उन्होने 1970 और 1980 की ब्लोकबस्टर फिल्मों मे भी काम किया है, जैसे दीवार, नमक हलाल, अमर अकबर एन्थोनी और शान। उन्हें भारत की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में एक माना जाता है।
परवीन बाबी का जन्म 4 अप्रैल 1954 को जूनागढ़, गुजरात में हुआ था। वह एक महान जूनागढ़-आधारित परिवार में एक अकेली बच्ची थी, जो पश्तूनों की बाबी जनजाति से संबंधित थी, जिन्हें गुजरात के पठानों के रूप में जाना जाता था, जो लंबे समय तक गुजरात में बस गए थे। अपने माता-पिता की शादी के चौदह साल बाद परवीन का जन्म हुआ, उनके पिता, वली मोहम्मद खान बाबी, जूनागढ़ के नवाब के साथ सिस्टम प्रशासक थे और उनकी माँ जमाल बख्त बाबी (2001 की मृत्यु) थी। उसने 1959 में अपने पिता को खो दिया जब वह पाँच साल की थी। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई माउंट कार्मेल हाई स्कूल, अहमदाबाद से की और बाद में उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, अहमदाबाद में पढ़ाई की, जहाँ उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में मास्टर डिग्री की उपाधि प्राप्त की।
परवीन ने कभी शादी नहीं की। लेकिन उनका कई विवाहित पुरुषो से संबंध रहे। जैसे निर्देशक महेश भट्ट, अभिनेता कबीर बेदी और डैनी डेनजोगपा। उनके और अमिताभ बच्चन के बीच भी चक्कर चलने की अफवाहें थी। उन्होंने बाद मे अमिताभ पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने उन्हे मारने की कोशिश की है, हालाकि इसके कुछ साल बाद पता चला कि यह उनका वहम था। महेश भट्ट ने बाद में बॉबी और उनके बीच के रिश्ते पर आधारित एक आत्मकथात्मक फिल्म अर्थ (1982) बनाई, जिसके लेखक और निर्देशक वे स्वयं थे। उन्होंने उनके और परवीन बॉबी के बीच के रिश्ते के तथ्यो पर आधारित एक अन्य फिल्म, लम्हे (2006) बनाई, जिसके लेखक और निर्देशक भी वे ही थे।
परवीन का मॉडलिन्ग कैरियर 1972 मे शुरू हुआ और जल्द ही उन्हें क्रिकेटर सलीम दुरानी के साथ चरित्र (1973) नामक एक फिल्म करने का मौका भी मिला। हालांकि यह फिल्म एक फ़्लॉप थी, परवीन को इसके बाद कई फिल्मे करने के प्रस्ताव मिले। उनकी पहली बडी हिट अमिताभ बच्चन के सामने मजबूर (1974) था। जीनत अमान के साथ साथ, परवीन बॉबी भारतीय फिल्म नायिका की छवि को बदलने में मदद की। वह जुलाई 1976, उस समय के किसी मैगज़ीन के पहले पन्ने पर प्रदर्शित करने वाली पहली बॉलीवुड स्टार थीं। अपने कैरियर के दौरान, वह एक गंभीर अभिनेत्री की तुलना में एक ग्लैमरस हीरोइन के रूप में अधिक प्रसिद्ध थीं। वह एक फैशन आइकन के रूप में भी जानी जाती थी। मशहूर डिजाइनर मनीष मल्होत्रा कहते हैं,"परवीन बॉबी फैशन में आधुनिकता लाईं। वह एक बार भी चूकती, हमेशा खूबसूरत रहती थी।"
परवीन, हेमा मालिनी, रेखा, जीनत अमान, जया बच्चन, रीना रॉय और राखी के साथ साथ, उस युग के सबसे सफल अभिनेत्रियों में से एक मानी जाती थी। अमिताभ बच्चन के साथ आठ फिल्मों में अभिनय किया, जो हिट या सुपर हिट हुए। वह शशि कपूर के साथ सुहाग (1979), काला पत्थर (1979) और नमक हलाल (1982) में अभिनय किया था। धर्मेंद्र के साथ जानी दोस्त (1983) और फिरोज खान के साथ काला सोना (1975) मे भी अभिनय कर चुकी थी। अपने कैरियर के अंत में वह मार्क जुबेर के साथ "दूसरी औरत" की भूमिका निभाई, विनोद पांडे के साथ नजदीकीया (1982) जैसी लीग से हटकर फिल्मों में दिखाई गई थी।
अक्सर समकालीन जीनत अमान के साथ उनके सेक्स प्रतीकों के साथ तुलना की जाती थी। वह जीनत और शबाना आजमी द्वारा निभाई तीसरे भूमिका के साथ अशांति (1982), जो अमेरिकी टेलीविजन शो चार्ली एन्जिल्स से प्रेरित एक फिल्म भी कर चुकी हैं। दीवार (1975), शान (1980) और नमक हलाल (1982) जैसी फिल्मों में उनकी स्क्रीन उपस्थिति कम से कम हो गई, लेकिन बॉबी द्वारा भूमिकाओं और गानों में एक निश्चित आकर्षण लाई गई थी। बड़ी हिट फिल्म क्रांति (1981) में वह हेमा मालिनी (जो फिल्म की मुख्य नायिका थी), से अपनी सहायक की भूमिका में होते हुए भी हीरोइन से बढ़कर नाम कमा चुकी हैं।
परवीन बॉबी के दरवाजे पर तीन दिन के दूध व अखबार पड़े देख उनकी आवासीय सोसायटी के सचिव ने पुलिस को सूचित किया। जिसके बाद पुलिस द्वारा 22 जनवरी 2005 को मुंबई के अपने अपार्टमेंट में उनके मृत पाने की सूचना पूरे भारत को मिली थी।
परवीन ने जीवन के अंतिम काल में ईसाई धर्म अपना लिया था, यह बात उन्होंने एक साक्षात्कार में कही थी. उन्होंने यह इच्छा भी व्यक्त की थी कि उन्हें ईसाई धर्मानुसार दफनाया जाय. लेकिन उनकी मृत्य के बाद उनके मुस्लिम रिश्तेदारों ने उनके शव को अपने कब्जे में ले लिया और उनकी माता की कब्र के पास ही उन्हें मुस्लिम रीती-रिवाज से शांताक्रुज में दफनाया.
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