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गुरुवार, 4 जनवरी 2024

विजय तेंदुलकर

🎂जन्म 06 जनवरी, 1928 

🕯️मृत्यु 19 मई
नाटककार पटकथा लेखक रंगमंच के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने वाले विजय तेंदुलकर की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रधांजलि

विजय तेंदुलकर का नाम आधुनिक भारतीय नाटक और रंगमंच के विकास में अग्रणी है। पांच दशक से ज़्यादा समय तक सक्रिय रहे तेंदुलकर ने रंमगंच और फ़िल्मों के लिए लिखने के अलावा कहानियाँ और उपन्यास भी लिखे।

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में 6 जनवरी, 1928 को एक ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए विजय ढोंडोपंत तेंदुलकर ने महज़ छह साल की उम्र में अपनी पहली कहानी लिखी थी। उनके पिता नौकरी के साथ ही प्रकाशन का भी छोटा-मोटा व्यवसाय करते थे इसलिए पढ़ने-लिखने का माहौल उन्हें घर में ही मिल गया। पश्चिमी नाटकों को देखते हुए बड़े हुए विजय ने मात्र 11 साल की उम्र में पहला नाटक लिखा, उसमें काम किया और उसे निर्देशित भी किया। उन्हें मानव स्वभाव की गहरी समझ थी। शुरुआती दिनों में विजय ने अख़बारों में काम किया था। बाद में भी वे अख़बारों के लिए लिखते रहे सन बयालिस के दौर में उन्होंने पढ़ाई छोड़ कर आजादी के आंदोलन में कूदने का फैसला किया। वास्तव में उनके लेखन की शुरूआत अखबारों के लिए लिखने से हुई। बीस साल की उम्र में उन्होंने दो नाटक लिखे, ‘अमायाचार कोन प्रेम करेन’ (हमें कौन प्यार करेगा) एवं ‘गृहस्थ’। लेकिन इन नाटकों को कोई सफलता नहीं मिली। इससे युवा तेंदुलकर का उत्साह टूट गया और उन्होंने नाटक नहीं लिखने का फैसला किया। लेकिन उनकी लेखनी ने एक बार फिर जोर मारा और सन 1956 में उन्‍होंने ‘श्रीमंत टक’ लिखा। इस नाटक में एक बिन ब्याही माँ के अमीर पिता के मना करने के बावजूद अपने बच्चे को जन्म देने के फैसले को दर्शाया गया था। नाटक जगत में इसे खूब सराहा गया। इस नाटक की तत्कालीन रूढिवादियों ने कड़ी आलोचना की, लेकिन तेंदुलकर पर इसका कोई असर नहीं हुआ।

मराठी की पत्रकारिता से सक्रिय जीवन शुरू करने के बाद सातवें दशक के उत्तरार्ध में भारतीय रंगमंच पर एक धूमकेतु की भाँति उनका उदय हुआ। उनका नाटक शांतता कोर्ट चालू आहे अपनी क्रान्तिकारी वस्तु और संरचना के कारण इतना लोकप्रिय हुआ, कि देखते-देखते अनेक भाषाओं में उसके अनुवाद हुए और देश-विदेश में शताधिक उसकी प्रस्तुतियाँ हो चुकी हैं। 'शांताता! कोर्ट चालू आहे', 'घासीराम कोतवाल' और 'सखाराम बाइंडर' उनके लिखे बहुचर्चित नाटक हैं। सत्तर के दशक में उनके कुछ नाटकों को विरोध भी झेलना पड़ा लेकिन वास्तविकता से जुड़े इन नाटकों का मंचन आज भी होना उनकी स्वीकार्यता का प्रमाण है।

विजय तेंदुलकर ने अपने थियेटर समूह ‘रंगायन’ के जरिये नाटकों में नए प्रयोग करने शुरू किए। इस काम में उन्हें सहयोग मिला श्रीराम लागू, मोहन अगाशे और सुलभा देशपांडे से। इन नए कलाकारों ने तेंदुलकर की रचनाओं को रंगमंचीय स्‍वरूप प्रदान किया।
सन 1961 में उन्‍होंने ‘गिद्वे-गिद्व’ नाटक लिखा, लेकिन इस नाटक के एकदम नए विषय होने की वजह से इसका प्रदर्शन नौ साल बाद सन 1970 में संभव हो सका। इस नाटक में नैतिक रूप से परिवार के टूटते ढांचे और हिंसा के छिपे हुए स्वरूपों को रंग की भाषा में दिखाया गया। तेंदुलकर ने इस नाटक में घरेलू लिंग आधारित सांप्रदायिक और राजनीतिक हिंसा को नए तरह से परिभाषित किया। इस नाटक ने उन्हें रंग जगत में ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।
ड्रिग ड्यूरमर की लघु कहानी ‘ ट्रैप्स’ को आधार बना कर उन्होंने एक नाटक लिखा ‘शांतता कोर्ट चालू आहे' (खामोश अदालत जारी है)। सन 1967 में लिखे और खेले गए इस नाटक ने नाट्यजगत में धूम मचा दी और उन्हें एक सिद्धहस्त लेखक के रूप में स्थापित कर दिया। इस नाटक की लोकप्रियता आज चालीस साल बाद भी उतनी ही बनी हुई है। आज भी इसके मंचन में लोगो की भारी भीड़ इस बात को साबित करती है।
सन 1972 में तेंदुलकर की कलम से एक और नाटक आया ‘सखाराम बाइंडर’। नैतिकता और मूल्यों के द्वन्द्वों को उभारता यह नाटक आलोचको के साथ-साथ दर्शकों को भी काफ़ी पसंद आया। लेकिन इसी साल उन्होंने एक और नाटक लिखा ‘घासीराम कोतवाल’। अठारवीं सदी के मराठा शासन में आई कमज़ोरियों को दर्शाता यह नाटक अमरता का तत्व लिए हुए था

तेंडुलकर के ‘गिधाड़े’, ‘कमला’, ‘कन्यादान’, आदि नाटक भी बहुचर्चित हुए। विजय तेंदुलकर ने पचास से भी अधिक नाटकों की रचना की है। हिंदी में उनके तीस नाटकों का अनुवाद और मंचन किया जा चुका है। वर्ष 2007 में ‘भूत’ और वर्ष 2008 में ‘विट्ठला’ और ‘एक जिद्दी लड़की’ का हिंदी अनुवाद भी प्रकाशित हो गया है। ‘खामोश अदालत जारी है’, ’ गिद्ध’ ‘,सखाराम बाइंडर’ ,‘जाति ही पूछो साधु की’,‘ घासीराम कोतवाल’,‘ कन्यादान’,‘ कमला’ आदि नाटकों के जरिए तेंदुलकर की जो छवि नाट्य जगत में स्वीकृत हुई वह मराठी नाटककार की सीमा में बंधकर नहीं रह सकी

उनके बहुचर्चित नाटक 'घासीराम कोतवाल' का छह हज़ार से ज़्यादा बार मंचन हो चुका है। इतनी बड़ी संख्या में किसी और भारतीय नाटक का अभी तक मंचन नहीं हो सका है। उनके लिखे कई नाटकों का अंग्रेज़ी समेत दूसरी भाषाओं में अनुवाद और मंचन हुआ है।

‘निशान्त’ आदि कई, ‘समांतर सिनेमा’ आन्दोलन से जुड़ी, फ़िल्मों की पटकथा उन्होंने लिखीं। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक जीवन में उनका व्यक्तित्व अलग से पहचाना जाता है।

उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, कालिदास सम्मान तथा पद्मभूषण आदि कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। पद्मभूषण से सम्मानित तेंदुलकर को श्याम बेनेगल की फ़िल्म 'मंथन' की पटकथा के लिए वर्ष 1977 में राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था। बचपन से ही रंगमंच से जुड़े रहे तेंदुलकर को मराठी और हिंदी में अपने लेखन के लिए 'संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप', 'महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार' जैसे सम्मान भी मिले। अपने जीवनकाल में विजय तेंडुलकर ने पद्मभूषण (1984), महाराष्ट्र राज्य सरकार सम्मान (1956, 69, 72), संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड (1971), 'फिल्म फेयर अवॉर्ड (1980, 1999) एवं महाराष्ट्र गौरव (1999) जैसे सम्मानजनक पुरस्कार प्राप्त किए थे

19 मई, 2008 को परम्परावादी मराठी थियेटर के पुरोधा विजय तेंदुलकर का निधन हो गया। महाराष्ट्र के पुणे शहर के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम साँस ली।

सोमवार, 21 अगस्त 2023

सोंभु मित्रा


🎂जन्म- 22 अगस्त, 

🕯️1915; मृत्यु- 19 मई,

रंगमंच अभिनेता,फ़िल्म निर्देशक और नाटककार शोम्भू मित्रा की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रधांजलि

सोंभु मित्रा जन्म- 22 अगस्त, 1915; मृत्यु- 19 मई, 1997 प्रसिद्ध भारतीय फ़िल्म और रंगमंच अभिनेता, निर्देशक और नाटककार थे। उन्हें मुख्य रूप से बंगाली थियेटर में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। ये पश्चिम बंगाल राज्य से थे।

सोंभु मित्रा को उनकी फ़िल्मों, 'धरती के लाल' (1946) तथा 'जागते रहो' (1956) से विशेषतौर पर पहचान मिली।कला के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा सन 1970 में सोंभु मित्रा को 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया था।वर्ष 1976 में सोंभु मित्रा को 'रेमन मैग्सेसे पुरस्कार' से भी सम्मानित किया गया।।

गुरुवार, 8 जून 2023

गिरीश कर्नाड


🎂जन्म
गिरीश रघुनाथ कर्नाड 19 मई 1938 माथेरान , बॉम्बे प्रेसीडेंसी , ब्रिटिश भारत (अब महाराष्ट्र , भारत में )

🕯️मृत
10 जून 2019 (आयु 81)
बेंगलुरु , कर्नाटक , भारत

✍️गिरीश कर्नाड (19 मई 1938 - 10 जून 2019) एक भारतीय अभिनेता, फिल्म निर्देशक, कन्नड़ लेखक, नाटककार और रोड्स स्कॉलर थे, जिन्होंने मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय सिनेमा और बॉलीवुड में काम किया।
1960 के दशक में एक नाटककार के रूप में उनके उदय ने कन्नड़ में आधुनिक भारतीय नाटक लेखन के युग को चिह्नित किया, ठीक वैसे ही जैसे बादल सरकार ने बंगाली में, विजय तेंदुलकर ने मराठी में, और मोहन राकेश ने हिंदी में किया था।
वह 1998 के ज्ञानपीठ पुरस्कार के प्राप्तकर्ता थे, जो भारत में दिया जाने वाला सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है। चार दशकों तक कर्नाड ने समकालीन मुद्दों से निपटने के लिए अक्सर इतिहास और पौराणिक कथाओं का उपयोग करते हुए नाटकों की रचना की।
उन्होंने अपने नाटकों का अंग्रेजी में अनुवाद किया और प्रशंसा प्राप्त की।
उनके नाटकों का कुछ भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है और इब्राहिम अल्काज़ी, बी.
वी
कारंत, एलिक पदमसी, प्रसन्ना, अरविंद गौर, सत्यदेव दुबे, विजया मेहता, श्यामानंद जालान, अमल अलाना और जफर मोहिउद्दीन।
वह हिंदी और कन्नड़ सिनेमा में एक अभिनेता, निर्देशक और पटकथा लेखक के रूप में काम करते हुए भारतीय सिनेमा की दुनिया में सक्रिय थे और उन्होंने पुरस्कार अर्जित किए हैं।
उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित किया गया और चार फिल्मफेयर पुरस्कार जीते, जिनमें से तीन सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार - कन्नड़ और चौथा फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ पटकथा पुरस्कार है।
वह 1991 में दूरदर्शन पर प्रसारित "टर्निंग पॉइंट" नामक एक साप्ताहिक विज्ञान पत्रिका कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता थे

📽️🔛↕️
केम्पे गौड़ा महादेव गौड़ा कन्नडा
2012 एक था टाइगर डॉ. अजीत शेनॉय
( रॉ चीफ ) हिंदी
मुगामुदी ली के दादा तामिल
यारे कूगादली चिकित्सक कन्नडा
2013 स्वीटी नन्ना जोड़ी प्रिया के पिता कन्नडा
2014 सम्राट एंड कंपनी महेंद्र प्रताप सिंह हिंदी
सावरी 2 विश्वनाथ कन्नडा
2015 रुद्र तांडव शिवराज के पिता कन्नडा
राणा विक्रमा केवी आनंद राव कन्नडा
चंद्रिका कन्नडा
गुरु दक्षिणा गुरुजी हिंदी
2016 24 सत्य के दादा तामिल
शिवाय अनुष्का के पापा हिंदी
चाक एन डस्टर मनोहर सावंत हिंदी
2017 टाइगर जिंदा है डॉ. अजीत शेनॉय
(रॉ चीफ) हिंदी
2018 नीनिलादा नर कन्नडा
2019 पोरा कन्नडा
प्यार के लिए स्केच तेलुगू
विदुर कन्नडा 

🔛महान अभिनेता,कवि,लेखक,रंगकर्मी, नाटककार एवं फ़िल्म निर्देशक गिरीश कर्नाड के जन्मदिन पर हार्दिक श्रद्धांजलि 

गिरीश कर्नाड एक सफल पटकथा लेखक होने के साथ एक बेहतरीन फ़िल्म निर्देशक भी हैं। गिरीश कर्नाड ने वर्ष 1970 में कन्नड़ फ़िल्म 'संस्कार' से अपने फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत की जिसकी पटकथा उन्होंने ही लिखी थी। इस फ़िल्म को कई पुरस्कार मिले जिसके बाद गिरीश ने कई फ़िल्में की। उन्होंने कई हिन्दी फ़िल्मों में भी काम किया, जिसमें निशांत, मंथन, पुकार आदि प्रमुख हैं। गिरीश कर्नाड ने छोटे परदे पर भी अनेक महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम और 'सुराजनामा' आदि सीरियल पेश किए हैं। उनके कुछ नाटक जिनमें 'तुग़लक' आदि आते हैं, सामान्य नाटकों से कुछ भिन्न हैं। गिरीश कर्नाड संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।


सम्मान_और_पुरस्कार


1972 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार

1974 में पद्मश्री

1992 में पद्मभूषण

1992 में कन्नड़ साहित्य अकादमी पुरस्कार

1994 में साहित्य अकादमी पुरस्कार

1998 में ज्ञानपीठ पुरस्कार

1998 में कालिदास सम्मान

इसके अतिरिक्त गिरीश कर्नाड को कन्नड़ फ़िल्म ‘संस्कार’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है।


निधन गिरीश कर्नाड


मशहूर एक्टर गिरीश कर्नाड का 10 जून 2019, सोमवार को 81 साल की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से बीमार थे।

शुक्रवार, 19 मई 2023

तारा गोतम बैरी

तारा, गौतम बेरी

जन्म
19 मई 1988 
राष्ट्रीयता
Indian
व्यवसाय
Actress

तारा, गौतम बेरी (किरण खेर के पहले पति) और अभिनेत्री नंदिनी सेन की बेटी हैं।

तारा अलीशा बैरी एक भारतीय एक्ट्रेस और थियेटर आर्टिस्ट है, जो हिंदी सिनेमा जगत के साथ साथ तेलुगु सिनेमा में भी सक्रिय हैं ।[2] तारा अलीशा ने हिंदी सिनेमा में डेब्यू फिल्म मस्तराम (2014) से रखा था।मस्तराम (2020) में एक्ट्रेस तारा अलीशा बेरी मुख्य भूमिका में हैं। तारा ने रेणु का किरदार निभाया है। इस किरदार के लिए उनकी काफी सराहना भी हो रही है।सिकंदर खेर की सौतेली बहन हैं तारा अलीशा बेरी।

टीवी और वेब सीरीज

वर्ष शीर्षक भूमिका भाषा प्लैटफ़ॉर्म टिप्पणी
2015 रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियाँ आशालता हिंदी महाकाव्य टीवी चैनल एपिसोड 1, 2 और 3 (चोखेर बाली)
2018- 2019 प्यार वासना और भ्रम पोरोमा सरकार हिंदी विउ सीजन 1 और 2
2020 मस्तराम मधु हिंदी एमएक्स प्लेयर
2020 स्टेट ऑफ सीज: 26/11 पार्वती पाटिल हिंदी ZEE5
2020 डिस्कनेक्ट किया गया तारा अंग्रेज़ी यूट्यूब
2021 प्रथम पाखी हिंदी यूट्यूब

पतली परत

वर्ष पतली परत भूमिका भाषा टिप्पणियाँ
2011 100% प्यार स्वप्ना तेलुगू डेब्यू फिल्म
2011 पैसा पैसा, और पैसा मेघना
2014 मस्तराम रेणु हिंदी हिंदी पदार्पण
2015 द परफेक्ट गर्ल वेदिका
2016 मोरेचिका ओएनआई बंगाली लघु फिल्म
2016 प्यार के खेल अलीशा अस्थाना हिंदी
2017 अगम सरला
2018 हम तुम लड़की लघु फिल्म [11]
2018 मरुधर एक्सप्रेस चित्रा
2018 तीन पहलियां कुसुम टीवी फिल्म; मिर्ची मालिनी खंड
2019 गन पे डन रजिया
2019 ए 1 दिव्या तामिल तमिल डेब्यू
2020 बिस्कोथ अनीता

गुरुवार, 18 मई 2023

सिद्धार्थ मैनन

सिद्धार्थ मेनन

जन्म की तारीख और समय: 19 मई 1989 (आयु 33 वर्ष)
पत्नी: पूर्निमा नायर (विवा. 2016)

🔛📽️2009 गेली एकविस वर्षा मराठी प्ले
तिधा मराठी प्ले
2010 पावटोलॉजी संस्थान मराठी चलायें
2012 विक्रेताओं मंदार हिंदी
एकल्टी एक मराठी
कोई बात नहीं मराठी चलायें
2013 पोपट बल्या मराठी
2014 शुभ यात्रा अजिंक्य मराठी
2015 लोव एलेक्स हिंग्लिश
राजवाडे एंड संस विराजस वैभव जोशी मराठी
स्लैमबुक हृदय मराठी
2016 पोस्टर गर्ल अर्जुन कलाल मराठी
और जरा हटके निशांत मराठी
2017 करीब करीब सिंगल आशीष हिंदी
2018 कारवां दूल्हा हिंदी कैमियो उपस्थिति
अलादीन अलादीन अंग्रेज़ी खेल
आधी रात को उबेर पर एक संदिग्ध नज़र साकेत चलायें
2019 सुस्वागतम् मराठी जून में रिलीज होगी
स्वर्ग में बना जॉन मैथ्यूज हिंदी
छप्पड़ फाड़ के शुभम गुपचुप हिंदी हॉटस्टार पर
2020 बेताल नादिर हक हिंदी नेटफ्लिक्स पर
जून नील मराठी
2021 एलएसडी: लव, स्कैंडल और डॉक्टर्स विक्रमजीत हिंदी ZEE5 और ऑल्ट बालाजी पर 


अश्विन मुशरान


अश्विन मुशरान....................

●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬●

  ꧁

जन्म तिथि: 19 मई -1972

जन्म स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र, भारत

पेशा: अभिनेता, आवाज अभिनेता

राष्ट्रीयता: भारत꧂●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬●

मुंबई , महाराष्ट्र , भारत
राष्ट्रीयता
भारतीय
सिटिज़नशिप
भारतीय
शिक्षा
द दून स्कूल
अल्मा मेटर
हिंदू कॉलेज
ड्रामा स्टूडियो लंदन
व्यवसाय
अभिनेता
आवाज अभिनेता
सक्रिय वर्ष
2006 से

🔛अश्विन मुशरन का जन्म मुंबई , महाराष्ट्र , भारत में एक कश्मीरी पंडित पिता और अंग्रेजी और जर्मन मूल की एक श्वेत ब्रिटिश मां के घर हुआ था। 1990 के दशक में कश्मीरी हिंदुओं के पलायन के दौरान इस्लामिक उग्रवाद के कारण मुशरान के पैतृक परिवार को कश्मीर से विस्थापित कर दिया गया था , जो जल्दी ही हिंदू विरोधी हो गया । अश्विन ने उत्तराखंड के देहरादून में द दून स्कूल में अध्ययन किया और फिर कला स्नातक के साथ स्नातक किया (ऑनर्स ) हिंदू कॉलेज , दिल्ली विश्वविद्यालय , नई दिल्ली से अंग्रेजी साहित्य में डिग्री । इसके बाद वह पश्चिम लंदन के ईलिंग में ड्रामा स्टूडियो लंदन में अभिनय का अध्ययन करने के लिए भारत से इंग्लैंड चले गए ।

आजीविका
अश्विन ने टीवी विज्ञापनों के साथ शुरुआत की, जिसके कारण वह कल्ट इंडियन टीवी शो, द ग्रेट इंडियन कॉमेडी शो के कास्ट सदस्य बन गए । वहां से उन्होंने फीचर फिल्मों में अभिनय किया और कई समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्मों जैसे लगे रहो मुन्ना भाई , लाइफ इन ए मेट्रो और फैशन में अभिनय किया । अश्विन थिएटर से काफी जुड़े हुए हैं और वो वॉइस ओवर आर्टिस्ट भी हैं।
🔛📽️ फिल्मे

2006 कुडिय़ों का है ज़माना साइरस
लगे रहो मुन्ना भाई हरि देसाई
मिलते हैं डॉ. शाह
2007 एक मेट्रो में जीवन
एक चालीस की लास्ट लोकल मिस्टर बजाज
2008 एक दो तीन डीएम पीपत
क्रेजी 4 प्रणव
मस्सा द मॉब बॉस
ये मेरा इंडिया अमरजीत सिंह
पहनावा रोहित खन्ना
2009 क्विक गन मुरुगुन डॉ जोंगो
कम्बख्त इश्क परमीत
2010 हम तुम और भूत श्री कपूर का बेटा
भूत और दोस्त गोरा साब
2011 हमेशा कभी कभी राहुल घोष
देसी लड़के जेरी के वकील
2012 लव, रिंकल-फ्री
2013 सेत्तई रिचर्ड
ज़ोंबी का उदय
2014 मैं तेरा हीरो अंगद के डॉक्टर
2015 द्वीप शहर
2018 संजू
2019 टोटल धमाल
2022 बच्चन पांडे निर्माता राकेश वर्मा
2023 शहज़ादा कैलाश जिंदल

🔛📺 टेलीविजन

टेलीविजन
वर्ष
2004 द ग्रेट इंडियन कॉमेडी शो
2014–2015 इतना करो ना मुझे प्यार करण कपूर
2015 पीटरसन हिल पीटरसन
2018 कुल्फी कुमार बाजेवाला रोशन कुमार (आरके)
2020 महाराज की जय हो! वैज्ञानिक
2021 धड़कन ज़िंदगी की जमशेद शेरियर

🔛🎬 वेब सीरीज

वेब सीरीज
वर्ष
2021 कुबूल है 2.0 असद के कोच ZEE5
2022 एस्केप लाइव योगी बल्ला डिज्नी + हॉटस्टार
2023 राणा नायडू फरजाद सूनावाला NetFlix

नवाज़ुद्दीन

नवाज़ुद्दीन
🎂जन्म की तारीख और समय: 19 मई 1974💐
नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी एक भारतीय फ़िल्म अभिनेता हैं। यह कई बॉलीवुड फ़िल्मों में कार्य कर चुके है। जैसे ब्लैक फ्राइडे, न्यू यॉर्क, पीपली लाइव, कहानी, मांझी: द माउंटेन मैन, सेक्रेड गेम्स, मंटो, ठाकरे आदि।नवाजूदीन सिदद्की ने फ़िल्मों के अलावा वेब सिरीज जैसे सेक्रेड गेम्स से बेहद नाम कमाया है।
जन्म की तारीख और समय: 19 मई 1974 (आयु 48 वर्ष), बुढाना
पत्नी: अंजलि सिद्दीकी (विवा. 2009)
बच्चे: शोरा सिद्दीकी, यानी सिद्दीकी
नामांकन: अंतर्राष्ट्रीय एमी पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ परफॉरमेंस बाय एन एक्टर, ज़्यादा
भाई: शमास नवाब सिद्दीकी, Syama Tamshi Siddiqui
माता-पिता: नवाबुद्दीन सिद्दीकी, Mehroonisa Siddiqui

आशा भोसले

आशा भोसले 🎂08 सितंबर 1933 ⚰️12 अप्रैल 2026 जन्म की तारीख और समय: 8 सितंबर 1933, सांगली मृत्यु की जगह और तारीख: 12 अप्रैल 2026 ब...