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बुधवार, 29 मार्च 2023

धूमल

धूमल
प्रसिद्ध हास्य अभिनेता धूमाल के जन्मदिन पर हार्दिक श्रद्धांजलि
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अनंत बलवंत धूमल लोकप्रिय नाम धूमाल (29 मार्च 1914 - 13 फरवरी 1987) को बॉलीवुड फिल्मों में एक अभिनेता के रूप में जाना जाता था जो चरित्र भूमिकाएं निभाने के लिए जाने जाते थे।  उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय किया और 1940 के दशक के मध्य से 1980 के दशक तक सक्रिय रहे।  उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत मराठी थिएटर से की, जिसने मराठी सिनेमा के लिए मार्ग प्रशस्त किया और बाद में वे हिंदी सिनेमा में चले गए, जहाँ उन्होंने ज्यादातर कॉमेडी भूमिकाएँ निभाईं और बाद में अपने करियर में, चरित्र भूमिकाएँ। उन्होंने हावड़ा ब्रिज (1958), बॉम्बे का बाबू (1960), कश्मीर की कली (1964), गुमनाम (1965), दो बदन (1966), लव इन टोक्यो (1966)और बेनाम (1974) जैसी उल्लेखनीय फिल्मों में काम किया।

अभिनय में उनका करियर तब शुरू हुआ जब उन्होंने एक ड्रामा कंपनी ज्वाइन की, जहाँ उन्होंने ड्रिंक्स सर्व किया और बर्तन धोए।  ऐसे मौके आये जब छोटी भूमिकाएं निभाने वाले कलाकार नहीं आये  इससे स्पॉट बॉयज को उसको प्ले करने का मौका मिला इस तरह धूमाल नाटकों में छोटी भूमिकाओं के साथ उतरे

इस अवधि के दौरान, उन्होंने पी के अत्रे और नाना साहेब फाटक से मुलाकात की, वह दोनों नाटक जगत के बड़े नाम थे जल्द ही, उन्हें पहचाना जाने लगा और बड़ी भूमिकाएं उनको मिलने लगी हालाँकि वे अंततः फिल्मों में एक कॉमेडियन के रूप में प्रसिद्ध हो गए, उन्हें एक कॉमिक खलनायक के रूप में अधिक जाना जाता था।  उन्होंने लगना ची बेदी और घर बहार जैसे प्रसिद्ध नाटकों में प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं।

मंच से, उन्होंने अपना ध्यान सिल्वर स्क्रीन पर स्थानांतरित कर दिया।  उन्होंने वो कौन थी आँखे गुमनाम आरज़ू और ससुराल जैसी बड़ी फिल्मों में काम किया।  उनकी पहली फिल्म एक मराठी फिल्म थी जिसका नाम पेडगाँवचे शेहेन (1952) था जिसमें उन्होंने एक दक्षिण भारतीय की भूमिका निभाई थी। 

उन्होंने कई हिंदी फिल्मों, जैसे ससुराल (1961) में साथी हास्य कलाकार महमूद और शोभा खोटे के साथ काम किया

13 फरवरी 1987 को दिल का दौरा पड़ने से धूमाल की मृत्यु हो गई।

https://youtu.be/f2_ThWMDSWk

शाम सुंदर कलानी

धारावाहिक रामायण में सुग्रीव की भूमिका निभाकर प्रसिद्ध हुए अभिनेता श्याम सुंदर कलानी की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रद्धांजलि
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श्याम सुंदर कलानी जन्म- 1940, जबलपुर, मध्य प्रदेश; मृत्यु- 29 मार्च, 2020, पंचकुला, हरियाणा) छोटे पर्दे (टी.वी.) के अभिनेता थे। दूरदर्शन के प्रसिद्ध धारावाहिक 'रामायण' में उन्होंने सुग्रीव की भूमिका निभाई थी। इस एक भूमिका ने ही उन्हें पूरे भारत में पहचान दिला दी थी।

श्याम सुंदर कलानी का जन्म 1940 में मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में हुआ था।
अभिनय के क्षेत्र में उन्हें पहला अवसर रामानंद सागर की 'रामायण' से ही मिला था।
धारावाहिक 'रामायण' में श्याम सुंदर कलानी के द्वारा निभाये गए सुग्रीव के रोल को काफ़ी सराहा गया। सुग्रीव के रोल में वह घर-घर पहचाने जाने लगे थे। 'रामायण' में राम की भूमिका अरुण गोविल, लक्ष्मण की भूमिका सुनील लहरी और सीता की भूमिका दीपिका चिखालिया ने निभाई थी। जबकि हनुमान की भूमिका प्रसिद्ध भारतीय पहलान रहे दारा सिंह ने निभाई।
फ़िल्म जगत में श्याम सुंदर कलानी को ज़्यादा काम नहीं मिल सका। वह संवाद (डायलॉग) याद नहीं रख पाते थे, जिस कारण वे फ़िल्मी गलियारे में बड़ी पहचान बनाने में असफल रहे और फिर बाद में सब कुछ छोड़कर घर वापस लौट आए।
मृत्यु
श्याम सुंदर कलानी का निधन 29 मार्च, 2020 को हुआ।

राम की भूमिका करने वाले अरुण गोविल ने ट्वीट करते हुए सुग्रीव यानी श्याम सुंदर कलानी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, "श्याम कलानी के निधन की खबर सुनकर बहुत दु:खी हूं, रामानंद सागर के रामायण में सुग्रीव का किरदार निभाने वाले श्याम कलानी बहुत अच्छी शख्सियत और सज्जन व्यक्ति थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।"

लक्ष्मण बने सुनील लहरी ने भी ट्वीट कर श्याम कलानी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, "रामायण में हमारे सहयोगी श्याम कालानी के आकस्मिक निधन को सुनकर बहुत दु:ख और खेद है। रामायण में बालि और सुग्रीव की भूमिका निभाने वाले श्याम कलानी की आत्मा को भगवान शांति दे, साथ ही इस दु:ख से निकलने में उनके परिवार को शक्ति दे।"

आशा भोसले

आशा भोसले 🎂08 सितंबर 1933 ⚰️12 अप्रैल 2026 जन्म की तारीख और समय: 8 सितंबर 1933, सांगली मृत्यु की जगह और तारीख: 12 अप्रैल 2026 ब...