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सोमवार, 1 दिसंबर 2025

प्रीति गांगुली


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*जन्म की तारीख और समय: 17 मई 1953, मुम्बई*

*मृत्यु की जगह और तारीख: 2 दिसंबर 2012, मुम्बई*

*भाई: भारती जाफ़री, रूपा गाँगुली, अरूप गाँगुली*

*माता-पिता: अशोक कुमार, शोभा देवी*

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प्रसिद्ध अभिनेता अशोक कुमार की बेटी अभिनेत्री प्रीति गांगुली के जन्मदिन पर हार्दिक श्रधांजलि
प्रीति गांगुली हिंदी सिनेमा की चरित्र अभिनेत्री थीं, जिन्होंने 1970 और 1980 के दशक में बॉलीवुड में कई कॉमिक भूमिकाएं निभाई थीं।

प्रीति गांगुली का जन्म 17 मई, 1953 को मुम्बई में हुआ था। वह प्रसिद्ध भारतीय फ़िल्म अभिनेता अशोक कुमार और शोभा देवी की बेटी थीं। गायक किशोर कुमार और अभिनेता अनूप कुमार उनके चाचा थे।रूपा गांगुली और अरुप गांगुली उनके भाई-बहन हैं।वह बेहद प्रतिभाशाली थीं और कॉमेडी भूमिकाओं में बहुत अच्छी तरह से प्रदर्शन करती थीं।1993 में उन्होंने अपने पिता 'अशोक कुमार की अकादमी ऑफ़ नाटक कला' के नाम पर एक अभिनय स्कूल की शुरुआत की।प्रीति गांगुली का निधन 2 दिसंबर, 2012 को मुंबई में हो गया

प्रीति गांगुली की मुख्य फ़िल्में इस प्रकार हैं-

तुम हो ना (2005)

आशिक बनाया आपने (2005)
उत्तर दक्षिण (1987)
सुपरमैन (1987)
प्यार के काबिल (1987)
वक्त की दीवार (1981)
बंदिश (1980)
थोड़ी सी बेवफाई (1980)
झूठा कहीं का (1979)
दामाद (1978)
अनमोल तस्वीर (1978)
खट्टा मीठा (1978)
तृष्णा (1978)
दिल्लगी (1978)
आहूति (1978)
अनुरोध (1977)
बालिका बधू (1976)
रानी और लालपरी (1975)
परिणय (1974)


शनिवार, 6 जनवरी 2024

श्याम रामसे


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जन्म

श्याम रामसे का 🎂जन्म 17 मई 1952 को बॉम्बे, बॉम्बे स्टेट, भारत में हुआ था। उनके पिता का नाम F.U. रामसे था। उनकी बेटी का नाम साशा रामसे है। उनके भाईयों का नाम तुलसी रामसे ( 13 दिसंबर 2018 को मृत्यु), किरण रामसे, केशू रामसे, कुमार रामसे, अर्जुन रामसे है।꧂●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬●

पुरानी हवेली' और 'तहखाना' जैसी हॉरर फिल्मों के लिए चर्चित सात 'रामसे ब्रदर्स' में से एक निर्देशक श्याम रामसे का बुधवार को मुंबई के एक अस्पताल में सुबह निधन हो गया। 67 वर्षीय श्याम रामसे न्यूमोनिया से पीड़ित थे। श्याम रामसे के एक रिश्तेदार ने बताया कि 'स्वास्थ्य ठीक न होने की वजह से उन्हें आज सुबह ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। न्यूमोनिया से उनका अस्पताल में निधन हो गया।'

श्याम रामसे के परिवार में उनकी दो बेटियां साशा और नम्रता हैं।

श्याम भारतीय सिनेमा में हॉरर फिल्मों की वजह से लंबे समय तक एक खास जगह रखने वाले रामसे ब्रदर्स में से एक थे। रामसे ब्रदर्स ने 1970 और 1980 के दशक में कम बजट में हॉरर फिल्में बनाईं जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। माना जाता है कि इन हॉरर फिल्मों के पीछे असली सोच श्याम रामसे की होती थी। उन्होंने 'दो गज जमीन के नीचे', 'और कौन', 'अंधेरा', 'घूंघरू की आवाज', 'दरवाजा', पुराना मंदिर' और 'वीराना' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया था। 

1980 में उनकी लोकप्रियता कम होगी जब उन्हों ने जी टीवी में जी हॉरर शो जैसे पकड़ लिए आदि जैसे कई निजी चैनलों के कारण मांग में था, जो भारत में नब्बे के दशक की शुरुआत में लॉन्च किए गए थे। . Zee  के लिए भारत की पहली हॉरर टीवी श्रृंखला शुरू की । यह एक बड़ी हिट थी और इसकी लोकप्रियता फेसबुक और ऑर्कुट जैसे सोशल नेटवर्किंग समुदायों पर इसकी स्मृति में बनाए गए विभिन्न समुदायों द्वारा अपने प्रशंसकों द्वारा साबित की जाती है।

इसके बाद बाद , उन्होंने ज़ी टीवी के लिए , सेटरडे सस्पेंस   एक्स ज़ोन और नागिन के कुछ एपिसोड बनाए । 2008 में, उन्होंने अपनी बेटी साशा रामसे के साथ सहारा वन के लिए इच्छाधारी मादा नागिन की अवधारणा पर आधारित एक अलौकिक श्रृंखला का निर्देशन किया, जिसे  नीली आंखे कहा जाता है ।

  2000 में फिर फीचर फिल्मों में आकर उन्हों ने धुंध the फॉग का निर्माण शुरू किया, जो 21 फरवरी 2003 को रिलीज़ हुई थी। फिर उन्होंने 2007 में घुटन 2010 में एक कॉमेडी हॉरर फिल्म, बचाओ बनाई। उनकी नवीनतम रिलीज़ नेबर्स रिलीज़ हुई। जनवरी, 2014 में।


उन्हों ने फिल्मे लिखी
इंस्पेक्टर धनुष(1991) (कहानी) (तुलसी-श्याम के रूप में)
  •   बंद दरवाजा     (1990) (पटकथा)
  •     विराना(1988) (पटकथा)
  •  बूढ़ा मिल गया (1971) (कहानी) (श्याम के रूप में)

करियर

उन्होंने अपने करियर के दौरान पुराना मंदिर (1984), अंधेरा (1975), सबूत (1980), पुरानी हवेली (1989), धुंध: द फॉग (2003) और कोई है जैसी कई फिल्में बनाई हैं. श्यामा रामसे के अलावा उनके भाई तुलसी ने वीराना फिल्म बनाई थी।

फिल्में

  • कोई है – 2017
  • पड़ोसी – 2014
  • बाचाओ – इनसाइड भूत है …  – 2010
  • घुतन  – 2007
  • धुंड: द फॉग  – 2003
  • तलाशी – 2000
  • नागिन  – 1999  (टीवी शो )
  • ऐनोनी  – 1998  (टीवी शो )
  • द जी हॉरर शो  – 1993-97  (टीवी शो)
  • महाकाल – 1993
  • पुलिस मथु दादा  – 1991
  • इंस्पेक्टर धनुष  – 1991
  • अजूबा कुदरत का  – 1991
  • बंध दरवाजा – 1990
  • पुरानी हवेली – 1989
  • वीराना – 1988
  • तहखाना – 1986
  • टेलीफोन – 1985
  • 3 डी सामरी – 1985
  • पुराण मंदिर – 1984
  • घुंघरू की आवाज़ – 1981
  • होटल – 1981
  • सन्नता – 1981
  • दहशत  – 1981
  • सबूत – 1980
  • गेस्ट हाउस – 1980 फ़िल्म
  • और कौन?  – 1979
  • दरवाजा  – 1978
  • अन्धेरा – 1975
  • दो गज़ ज़मीन के नीचे  – 1972
  • नकुली शान – 1971

बुधवार, 17 मई 2023

नुसरत भरूचा

नुसरत भरुचा
नुसरत भरुचा (जन्म 17 मई 1985)
 एक भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री है।
 इन्होनें लव सेक्स और धोखा, प्यार का पंचनामा, कल किसने देखा, आकाश वाणी, डर @द मॉल, मेरुठिया गैंगस्टर और प्यार का पंचनामा 2 में अभिनय किया है।

भरूचा का जन्म मुंबई के दाउदी बोहरा परिवार में हुआ था। उन्होंने लीलावती पोदर हाई स्कूल में पढ़ाई की, जहां वह थिएटर में बहुत सक्रिय रहती थीं। उन्होनें अपने अभिनय की शुरूआत एक विज्ञापन से की थी। भरूच ने यश राज फ़िल्म्स टेलीविजन श्रृंखला "सावन" में भी अभिनय किया है। वह कई टीवी विज्ञापनों में भी दिखाई दी है।

2006 जय संतोषी माँ महिमा हिन्दी
2009 कल किसने देखा रिया हिन्दी
2010 ताज़ महल श्रुति तेलेगु
2010 लव सेक्स और धोखा श्रुति दाहिया हिन्दी
2011 प्यार का पंचनामा नेहा हिन्दी
2013 आकाश वानी वानी हिन्दी
2014 डर @द मॉल अहाना हिन्दी
2015 मेरुठिया गैंगस्ट मानसी हिन्दी
2015 प्यार का पंचनामा 2 रुचिका/चिकू हिन्दी
2018 सोनू के टीटू की स्वीटी स्वीटी हिन्दी


नुसरत भरूचा एक लोकप्रिय भारतीय फिल्म अभिनेत्री हैं, जिन्होंने पहले ही अपने अद्भुत अभिनय से फिल्म प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है। वास्तव में, वह रोमांटिक कॉमेडी फिल्म 'प्यार का पंचनामा' में अपने अभिनय के प्रदर्शन के लिए व्यापक रूप से उल्लेखनीय हैं। अब भरूचा भारतीय शोबिज उद्योग में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं और उद्योग में तेजी से सफलता हासिल की है।

नुसरत भरूचा करियर:
नुसरत भरूचा ने 2006 में फिल्म 'जय संतोषी मां' के साथ शोबिज उद्योग में अभिनय की शुरुआत की। फिर वह 2009 में विज्ञान कथा रोमांस फिल्म 'कल किसने देखा' में दिखाई दी और एक अद्भुत अभिनय प्रदर्शन किया। वास्तव में, उन्होंने 2011 में भारतीय हिंदी रोमांटिक कॉमेडी फिल्म 'प्यार का पंचनामा' में कास्ट होने के बाद एक प्रसिद्ध अभिनेत्री को पाला।  

इसके अलावा, उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों में कई शानदार अभिनय किए। विशेष रूप से, 2018 में भारतीय कॉमेडी फिल्म 'सोनू के टीटू की स्वीटी' में उनकी अभिनय भूमिका ने समीक्षकों और दर्शकों की नज़र में उनकी विश्वसनीयता बढ़ा दी। वह 'काइट पार्टी' और 'सेवन' जैसे हिंदी टेलीविजन धारावाहिकों में भी दिखाई दीं।

व्यक्तिगत जीवन:
अपने निजी जीवन में, नुसरत भरूचा अभी तक अविवाहित हैं और उनका कोई पति नहीं है। हमारे रिकॉर्ड के अनुसार, वह अभिनेता कार्तिक आर्यन के साथ रोमांटिक रूप से जुड़ी हुई हैं ।


मंगलवार, 16 मई 2023

परकाश मेहरा


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🎂जन्म की तारीख और समय: 13 जुलाई 1939,🎈 बिजनौर
🕯️मृत्यु की जगह और तारीख: 17 मई 2009, मुम्बई💐
बच्चे: अमित मेहरा, पुनीत मेहरा, सुमित मेहरा
भाई: बब्बू मेहरा




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*🎂जन्म की तारीख और समय: 13 जुलाई 1939, बिजनौर*
*🕯️मृत्यु की जगह और तारीख: 17 मई 2009, मुम्बई*
*बच्चे: अमित मेहरा, पुनीत मेहरा, सुमित मेहरा*
*भाई: बब्बू मेहरा*
*नामांकन: फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार - सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, 

प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता निर्देशक प्रकाश मेहरा की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रद्धांजलि

आज बॉलीवुड के मशहूर फिल्‍म निर्देशक प्रकाश मेहरा की पुण्‍यतिथि है. वो एक ऐसे निर्देशक हैं जिन्‍होंने इंडस्ट्री को न केवल कई सुपरहिट फिल्‍में दीं, बल्कि अमिताभ बच्‍चन के रूप में महानायक भी दिया. ऐसा इसलिए क्‍योंकि जब एक के बाद एक अभिनेता अमिताभ बच्‍चन की फिल्‍में फ्लॉप होती जा रही थीं और वो मुंबई छोड़ने का मन बनाने लगे थे, तब उनकी जिंदगी में प्रकाश मेहरा एक उम्मीद बनकर आए थे. प्राण के कहने पर उन्होंने अमिताभ बच्चन को 'जंजीर' फिल्म दी और उसके बाद सब जानते हैं यह फिल्म एक इतिहास बना गई. 

यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर बिग बी को 'जंजीर' न मिली होतो तो उनका कैरियर आज कुछ अलग तरह का होता! इस फिल्म के बाद अमिताभ बच्चन रातों रात स्टार बन गए थे. इस फिल्म से ही उनकी एंग्री यंग मैन की छवि बनी. एक बार महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा था कि प्रकाश मेहरा बॉक्सिंग चैंपियन मुहम्‍मद अली और उन्‍हें लेकर एक फिल्‍म बनाना चाहते थे लेकिन यह सपना अधूरा ही रह गया

मशहूर निर्माता निर्देशक प्रकाश मेहरा उत्‍तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले थे, लेकिन उनका बचपन पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में बीता. जहां वो अपनी चाची के साथ रहते थे. काम की बात करें तो प्रकाश मेहरा ने 21 साल की उम्र में 1950 के दशक में प्रोडक्शन कंट्रोलर के तौर पर अपने काम की शुरुआत की थी. उन्होंने 'उजाला' (1959) और 'प्रोफेसर' (1962) आदि में प्रोडक्शन कंट्रोलर के तौर पर कार्य किया था.


साल 1968 में जाकर उनकी मेहनत रंग लाई और 'हसीना मान जाएगी' से बतौर निर्देशक उनके कैरियर की शुरुआत हुई. इसी साल उन्होंने शशि कपूर की फिल्म 'हसीना मान जाएगी' का निर्देशन किया, जिसमें शशि कपूर ने दोहरी भूमिका निभाई थी. इसके बाद 1971 में उन्होंने 'मेला' का निर्देशन किया जिसमें फिरोज और संजय ख़ान ने मुख्य भूमिका निभाई थी. इसके एक साल बाद आई फिल्म 'समाधि' भी सफल रही. प्रकाश मेहरा की फिल्मों में एक गजब की रवानी दिखती है जो देखने वाले को बरबस अपनी और खींच कर रखती है. इसके अलावा  संगीत भी उनके फिल्मों की एक बड़ी ताकत रही है. 

उन्‍होंने बॉलीवुड को तमाम सुपरहिट फिल्में दीं, जिसमें हसीना मान जाएगी, हाथ की सफाई, समाधि, जंजीर, मुकद्दर का सिकंदर, घुंघरू, दलाल, शराबी, खून पसीना, जादूगर, हिमालय से ऊंचा और हेरा फेरी आदि फिल्में शामिल हैं. इनमें से कई में अमिताभ बच्‍चन ने काम किया और आज भी ये फिल्‍में बहुत याद की जाती हैं. प्रकाश मेहरा ने 1996 में मशहूर अभिनेता राजकुमार के बेटे पुरू राजकुमार को लेकर 'बाल ब्रह्मचारी' फ़िल्म बनाई, लेकिन उनकी यह फिल्म नाकाम रही. बतौर निर्देशक यह उनकी आखिरी फिल्म थी

मेहरा ने 50 के दशक में अपने फ़िल्मी जीवन की शुरूआत एक प्रोडक्शन कंट्रोलर की हैसियत से की थी। 1968 में उन्होंने शशि कपूर की फ़िल्म हसीना मान जायेगी का निर्देशन किया जिसमें शशि कपूर ने दोहरी भूमिका निभाई थी। इसके बाद 1971 में उन्होंने में मेला का निर्देशन किया जिसमें फिरोज खान और संजय खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। 1973 में उन्होंने जंजीर का निर्माण और निर्देशन किया। यह फ़िल्म जबरदस्त हिट रही और इस फ़िल्म ने अमिताभ के डवांडोल कैरियर को पटरी पर ला दिया. इस फ़िल्म से अमिताभ के साथ प्रकाश मेहरा का रिश्ता गहरा हो गया और दोनों ने लगातार सात सुपरहिट फ़िल्में थी। फ़िल्म जादूगर में उनका तिलिस्म टूटता हुआ नजर आया। प्रकाश मेहरा ने बाद में जिंदगी एक जुआ फ़िल्म बनाई. अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित जैसे स्टारों के बावजूद यह फ़िल्म कमाल नहीं दिखा पाई. 1996 में उन्होंने राजकुमार के बेटे पुरू राजकुमार को फ़िल्म ब्रह्मचारी के जरिए फ़िल्मी परदे पर लाया, लेकिन यह फ़िल्म भी असफल रही. यह उनके निर्देशन की आखिरी फ़िल्म थी। बाद में उन्होंने दलाल फ़िल्म का निर्माण किया। जो एक सफल फ़िल्म साबित हुई. इंडिया मोशन पिक्चर्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन ने 2006 में उन्होंने लाइफ टाइम्स अवार्ड से सम्मानित किया। 2008 में इसी संस्था ने उन्हें प्रोडूसर से रूप में लाइफ टाइम अवार्ड से सम्मानित किया। प्रकाश मेहरा बॉलीवुड के प्रथम निर्देशकों में से थे जिन्होंने हॉलीवुड में भी हाथ आजमाया. लेकिन भारी बजट के कारण उनका प्रोजेक्ट सफल नहीं हो सका. 17 मई 2009 को निमोनिया और दूसरी बीमारियों के कारण मुंबई में उनकी मृत्यु हो गई।

आशा भोसले

आशा भोसले 🎂08 सितंबर 1933 ⚰️12 अप्रैल 2026 जन्म की तारीख और समय: 8 सितंबर 1933, सांगली मृत्यु की जगह और तारीख: 12 अप्रैल 2026 ब...