फ़िल्म अभिनेत्री आयशा टाकिया के जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं
आयशा टाकिया का जन्म 10 अप्रैल 1986 में मुंबई, हुआ था वह एक हिंदू पिता और एक गुजराती मुस्लिम माँ की बेटी है उन्होंने सेंट एंथोनीज गर्ल्स हाई स्कूल, चेम्बूर से शिक्षा ली उन्होंने 1 मार्च 2009 को, समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी के बेटे, फरहान आज़मी से शादी की जिनके साथ उनका एक बेटा है।
वॉन्टेड’ आयशा की सबसे चर्चित फिल्म ज़रूर हो सकती है. मगर इस फिल्म से उनकी पहचान नहीं जुड़ी. आयशा ने अपने करियर में ‘डोर’, ‘नो स्मोकिंग’ और ‘सोचा न था’ जैसी गंभीर फिल्मों में काम किया. और उन्हें इन्हीं फिल्मों के लिए जानना-पहचाना चाहिए. खैर, आयशा जब बच्ची थीं, तभी से उन्हें हिंदी फिल्मों की हीरोइन बनना था. पहली बार जब कैमरा फेस किया, तो उनकी उम्र मात्र 4 साल थी. इस छोटी सी बच्ची से इंडिया की मुलाकात कॉम्प्लैन गर्ल के तौर पर हुई. कॉम्प्लैन के इस ऐड में आयशा के साथ शाहिद कपूर भी नज़र आए थे. आगे उन्होंने VIP सूटकेस, सीबाका टुथपेस्ट, गोदरेज समेत 60 से ज़्यादा ऐड फिल्मों में काम किया.
ऐड फिल्मों की वजह से आयशा को करियर का पहला बड़ा ब्रेक मिला. वो मशहूर सिंगर फाल्गुनी पाठक के गाने ‘मेरी चुनर उड़-उड़ जाए’ के म्यूज़िक वीडियो में नज़र आईं. इसके बाद डीजे अकील के गाने ‘शेक इट डैडी’ में वो मॉडल कीथ सीक्वेरा के साथ दिखाई दीं. इसी गाने में उन्हें इम्तियाज़ अली ने नोटिस किया. तब तक इम्तियाज टीवी सीरियल्स डायरेक्ट करके थक चुके थे. और अपनी पहली फिल्म- ‘सोचा न था’ बनाने जा रहे थे. इस फिल्म की कास्टिंग के दौरान उनकी मुलाकात अभय नाम के एक लड़के से हुई. ऑडिशन-स्क्रीनटेस्ट के बाद अभय को अपनी फिल्म में लेने के बाद इम्तियाज को पता चला कि वो धर्मेंद्र के भतीजे अभय देओल हैं. तब तक आयशा भी इस फिल्म का हिस्सा बन चुकी थीं. इम्तियाज ने पहले कोई फिल्म नहीं बनाई थी, इसलिए प्रोड्यूसर उनकी फिल्म में पैसा लगाने में ना-नुकर कर रहे थे. ऐसे में अभय इम्तियाज को सनी देओल से मिलाने शिमला ले गए. स्क्रिप्ट नैरेशन के बाद सनी ने विजयेता फिल्म्स के तले इम्तियाज की फिल्म प्रोड्यूस करने को तैयार हो गए. सनी अपनी सभी फिल्मों की कहानी शिमला में ही सुनते हैं. वो ये फिल्म इसलिए प्रोड्यूस करने को तैयार हुए क्योंकि धर्मेंद्र ने होम प्रोडक्शन की फिल्मों से सनी को लॉन्च किया था. फिर सनी अपने प्रोडक्शन हाउस की फिल्म बनाकर अपने छोटे भाई बॉबी को फिल्मों में ले आए. इसलिए वो चाहते थे कि अभय, आयशा और इम्तियाज की इस फिल्म को भी वो खुद प्रोड्यूस करें. डील डन हो गई.
मगर अलग-अलग वजहों से इस फिल्म को बनने में देरी होने लगी. आयशा बताती हैं कि एक बार को तो उन्हें ऐसा लगने लगा कि ये फिल्म कभी बन ही नहीं पाएगी. मगर आयशा विजयेता फिल्म्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट में थीं. इस कॉन्ट्रैक्ट के एक क्लॉज़ में ये भी लिखा था कि जब तक सोचा न था रिलीज़ नहीं हो जाती, आयशा कोई और फिल्म नहीं साइन कर सकतीं. तीन साल तक ये फिल्म अटकी रही. तब बॉबी देओल ‘हमराज’ कर रहे थे. आयशा उनके होम प्रोडक्शन की फिल्म का हिस्सा थीं, इसलिए उन्होंने अब्बास-मुस्तन को उनकी अगली फिल्म के लिए आयशा का नाम सुझाया. अब्बास-मुस्तन को आयशा और विजयेता फिल्म्स के बीच हुए कॉन्ट्रैक्ट के बारे में पता था. मगर कोई कॉन्ट्रैक्ट 3-4 साल तक अटकी एक फिल्म पर लागू नहीं हो सकता. इसलिए अब्बास-मुस्तन की जोड़ी ने अपनी फिल्म टारजन- द वंडर कार में डेब्यूतांत वत्सल सेठ के साथ आयशा को कास्ट कर लिया. ‘टारजन’ पर फौरन काम शुरू हुआ और वो फिल्म कुछ ही समय में बनकर रिलीज़ हो गई. मगर सोचा न था अब भी अटकी हुई थी.
आयशा ने अपने करियर में कई बड़ी फिल्मों से हाथ धोया. इसकी शुरुआत हुई थी शाहरुख खान स्टारर फिल्म ‘मैं हूं ना’ से. इस फिल्म में पहले अमृता राव वाला किरदार आयशा कर रही थीं. मगर बाद में उन्हें किसी वजह से इस फिल्म से बाहर निकाल दिया गया. फिल्म मैग्ज़ीन्स के गॉसिप कॉलम में इसके पीछे की वजह आयशा का ऐटिट्यूड बताया जाता है. ‘मैं हूं ना’ के अलावा आयशा आमिर खान के साथ ‘गजनी’ में भी काम करने वाली थीं. अपने कई इंटरव्यूज़ में उन्होंने इस प्रोजेक्ट पर काम करने के बारे में खुलकर बात की थी. मगर वो इस फिल्म का हिस्सा भी नहीं बन पाईं. मगर इस सब के बीच उनके हिस्से एक ऐसी फिल्म आई, जिसने उनकी तमाम शिकायतों को दूर कर दिया. नागेश कुकुनूर डायरेक्टेड इस फिल्म का नाम था ‘डोर’. इस फिल्म में आयशा ने एक राजस्थानी महिला का रोल किया था, जिसके पति की मौत हो गई थी. भारतीय ऑडियंस के लिए ये एक रेगुलर ऑफ-बीट फिल्म थी. मगर ‘डोर’ की तारीफ दुनियाभर में हुई. इस फिल्म के बाद आयशा को एक खूबसूरत चेहरे के साथ-साथ एक्टिंग टैलेंट के तौर पर भी देखा जाने लगा.
‘डोर’ के सेट पर आयशा और नागेश की खूब बनती थी. नागेश आयशा के काम के साथ-साथ उनकी ओवरऑल परसोना के फैन बन गए थे. इसी फिल्म के सेट पर आयशा ने उन्हीं राखी बांधी और दोनों मुंहबोले भाई-बहन बन गए. इसके बाद नागेश और आयशा ने अक्षय कुमार स्टारर फिल्म ‘तस्वीर’ पर भी साथ काम किया. 2010 में नागेश जॉन अब्राहम के साथ ‘आशाएं’ नाम की एक फिल्म बना रहे थे. इस फिल्म की फीमेल लीड के लिए उन्होंने आयशा को अप्रोच किया. आयशा ने कहानी सुनी. उन्हें सब्जेक्ट बड़ा अच्छा लगा. मगर वो इस फिल्म में काम करने को तैयार नहीं हुईं. उन्होंने कहा कि इस फिल्म में एक किसिंग सीन है, जिसे वो ऑनस्क्रीन करने में कंफर्टेबल नहीं हैं. और वो बिलकुल नहीं चाहती कि उनकी वजह से नागेश को अपने विज़न के साथ कॉम्प्रोमाइज़ करना पड़े. इसलिए वो इस फिल्म का हिस्सा नहीं बन सकतीं. बाद में आयशा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि वो जिस तरह के बैकग्राउंड से आती हैं, वो ऑनस्क्रीन इस तरह की चीज़ें करने में सहज महसूस नहीं करतीं. वो चाहती हैं कि उनकी फिल्में पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सके, इसलिए वो किसिंग या किसी भी तरह के अंतरंग दृश्यों से परहेज रखती हैं.
अनुराग कश्यप का डायरेक्शन करियर डावांडोल हालत में चल रहा था. उनकी पहली दो फिल्में- ‘पांच’ और ‘ब्लैक फ्राइडे’ बनकर तैयार थीं. मगर वो सेंसर और कोर्ट के चक्कर में रिलीज़ नहीं हो पा रही थीं. अनुराग की काबिलियत से पूरी इंडस्ट्री वाकिफ थी. मगर कोई भी उनके साथ काम करके रिस्क नहीं लेना चाहता था. इन्हीं दिनों में अनुराग कश्यप ने एक स्क्रिप्ट लिखी. सबसे पहले ये फिल्म उन्होंने शाहरुख खान को ऑफर की. शाहरुख को कहानी पसंद आई, मगर वो बहुत डार्क और आर्ट्सी फिल्म थी. शाहरुख ने वो फिल्म करने की हिम्मत नहीं दिखाई. अनुराग मानसिक रूप से बड़े परेशान चल रहे थे. एक दिन उन्होंने अपना फोन उठाया और इंडस्ट्री में अपने तमाम जानने वालों को SMS के भेजकर बताया कि वो बड़े परेशान हैं और जल्द से जल्द किसी फिल्म पर काम करना चाहते हैं. उनके पास एक स्क्रिप्ट भी है. मगर सैकड़ों लोगों में से उन्हें सिर्फ एक शख्स ने वापस मैसेज किया. वो थे जॉन अब्राहम. जॉन, अनुराग की लिखी फिल्म में काम करने को तैयार हो गए. ये फिल्म थी- ‘नो स्मोकिंग’. मगर उनकी इस फिल्म में कोई हीरोइन काम नहीं करना चाहती थी. सबको लग रहा था कि ये रोल उनके लिए बहुत छोटा है. ऐसे में उन्होंने आयशा टाकिया को ट्राय किया. आयशा रेगुलर फिल्मों से हटकर कुछ करना चाहती थीं. उन्होंने अनुराग की फिल्म साइन कर ली.
‘नो स्मोकिंग’ में आयशा टाकिया ने जॉन की पत्नी और सेक्रेटरी का रोल किया था.
फिल्म में जॉन और आयशा के बीच इंटीमेट सीन्स थे. जब इनकी शूटिंग शुरू हुई, तो आयशा असहज होने लगीं. आयशा को वो कपड़े भी पसंद नहीं आ रहे थे, जो सेक्रेट्री के रोल के लिए उन्हें पहनने थे. वो निराश हो गई थीं. और अनुराग के सामने एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई थी. इसके बाद अनुराग बताते हैं कि उन्होंने आयशा को मनाया और कहा कि वो इन सीन्स को भी इंप्रोवाइज़ करेंगे. या कैमरे के साथ कुछ ऐसी ट्रिक करेंगे, जिससे आयशा को कंफर्टेबल फील हो. आयशा मान गईं और उस सीन को अनुराग ने आयशा के कंफर्ट के हिसाब से शूट किया
जब सलमान खान प्रोड्यूसर बोनी कपूर की फिल्म ‘नो एंट्री’ में काम कर रहे थे, तभी एक साथ दोनों की अगली फिल्म की जमीन तैयार हो गई थी. बोनी और सलमान ने आपस में बात की थी कि एक आउट एंड आउट एक्शन फिल्म बनाते हैं. इसके बाद बोनी कपूर ने प्रभु देवा को साइन किया. प्रभु ने तब हाल ही में थलपति विजय और असिन को लेकर ‘पोकिरी’ नाम की एक तमिल फिल्म बनाई थी. ये फिल्म महेश बाबू की तेलुगू फिल्म ‘पोक्किरी’ की रीमेक थी. बोनी कपूर और प्रभु देवा इसे हिंदी में रीमेक करना चाहते थे. सलमान को इसकी कहानी सुनाई गई और ऑन-बोर्ड आ गए.
फिल्म में हीरोइन वाले रोल के लिए असिन को अप्रोच किया गया. मगर असिन ने समय की कमी का हवाला देते हुए ये फिल्म करने से मना कर दिया. फिर इलियाना डिक्रूज़ से बातचीत शुरू हुई लेकिन कुछ वर्क आउट नहीं हो पाया. फाइनली बोनी कपूर ने आयशा टाकिया को फोन कर मिलने के लिए बुलाया. थोड़ी बातचीत के बाद उन्होंने एक थिएटर बुक किया और आयशा को उस फिल्म का तेलुगू और तमिल वर्ज़न दिखाया, जिसे वो हिंदी में बनाने जा रहे थे. आयशा भी तब कई गंभीर फिल्मों पर काम कर चुकी थीं. साथ ही उनके हाथ से ‘गजनी’ जैसी बड़ी फिल्म निकल चुकी थी. इसलिए वो सलमान के साथ ‘वॉन्टेड’ नाम की इस फिल्म में काम करने को तैयार हो गईं
फिल्मों से दूर होने के बाद आयशा टाकिया अपने पति फरहान के रेस्टॉरेंट बिज़नेस में उनका हाथ बंटा रही थीं. 2013 में एक बेटा पैदा हुआ, जिसका नाम रखा गया मिखाइल. आयशा बताती हैं कि वो फिल्मों से इसलिए दूर हुईं क्योंकि वो अपने बेटे को समय देना चाहती थीं. मगर इस दौरान उन्होंने अपने पति के बिज़नेस को एक्सपैंड करने में उनकी मदद की. 2017 में आयशा ने फिल्मों में वापसी की एक कोशिश की थी. उन्होंने NH 10 फेम एक्टर नील भूपलम के साथ बोरिवली का ब्रूस ली नाम की एक फिल्म शूट की थी. मगर वो फिल्म अब तक रिलीज़ नहीं हो पाई है. आयशा सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव रहती हैं. वो अपने पति और बेटे के साथ मुंबई में ही रहती हैं.
आयशा ‘वॉन्टेड’ के शुरू होने से पांच साल पहले से फरहान आज़मी नाम के हॉस्टपिटैलिटी बिज़नेसमैन के साथ रिलेशनशिप में थीं. फरहान समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी के बेटे हैं. वॉन्टेड की शूटिंग खत्म होने और फिल्म रिलीज़ होने के बीच आयशा ने 23 साल की उम्र में फरहान से शादी कर ली. शादी के बाद वो फिल्मों से दूर होने लगीं. उन्होंने शादी के बाद सिर्फ एक फिल्म में काम किया. नागेश कुकुनूर डायरेक्टेड ‘मोड़’.
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