जन्म
6 अक्टूबर 1946 (आयु 76)
पेशावर (1901–55), ब्रितानी भारत
(अभी, पाकिस्तान)
मृत्यु
27 अप्रैल 2017
व्यवसाय
अभिनेता ,राजनीतिज्ञ
जीवनसाथी
गीताजंलि (1971–1985 तलाक)
कविता (1990–2017 (निधन तक))
बच्चे
राहुल खन्ना (पुत्र)
अक्षय खन्ना (पुत्र)
साक्षी खन्ना (पुत्र)
श्रद्धा खन्ना (पुत्री)
विनोद खन्ना का जन्म एक व्यापारिक परिवार में ०६ अक्टूबर १९४६ को पेशावर ,ब्रितानी भारत (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। उनका परिवार अगले साल १९४७ में हुए भारत-पाक विभाजन के बाद पेशावर से मुंबई आ गया था। उनके माता-पिता का नाम क्रमशः कमला और किशनचंद खन्ना था। १९६० के बाद की उनकी स्कूली शिक्षा नासिक के एक बोर्डिंग स्कूल में हुई वहीं उन्होंने सिद्धेहम कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक किया था।
इनके तीन पुत्र और एक पुत्री है,जिसमें अक्षय खन्ना और राहुल खन्ना जो कि दोनों फ़िल्म अभिनेता है। २७ अप्रैल २०१७ को लम्बे समय से कैंसर से पीड़ित रहने के कारण मुम्बई के एच एन रिलायंस अस्पताल में निधन हो गया।
फिल्मी सफर
उन्होंने अपने फ़िल्मी सफर की शुरूआत १९६८ में आयी फ़िल्म "मन का मीत" से की,जिसमें उन्होंने एक खलनायक(गद्दार) का अभिनय किया था। कई फ़िल्मों में उल्लेखनीय सहायक और खलनायक के किरदार निभाने के बाद १९७१ में उनकी पहली एकल हीरो वाली फ़िल्म हम तुम और वो आयी। कुछ वर्ष के फ़िल्मी संन्यास, जिसके दौरान वे आचार्य रजनीश के अनुयायी बन गए थे। बाद में उन्होंने अपनी दूसरी फ़िल्मी पारी भी सफलतापूर्वक खेली(किरदार निभाया) और २०१७ तक फ़िल्मों में सक्रिय रहे।
राजनैतिक कैरियर
वर्ष १९९७ और १९९९ में वे दो बार पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र से भाजपा की ओर से सांसद चुने गए थे। जबकि २००२ में वे संस्कृति और पर्यटन के केन्द्रिय मंत्री भी रहे। इसके बाद सिर्फ ६ माह पश्चात ही उनको अति महत्वपूर्ण विदेश मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री बना दिया गया था।
विनोद खन्ना की फिल्में
1978 खून की पुकार
1978 खून का बदला खून
1978 मैं तुलसी तेरे आँगन की अजय चौहान
1978 आखिरी डाकू
1978 डाकू और जवान
1978 मुकद्दर का सिकन्दर विशाल आनन्द
1977 हत्यारा विजय सिंह
1977 आप की खातिर सागर
1977 इंकार
1977 अमर अकबर एन्थोनी अमर
1977 खून पसीना
1977 परवरिश किशन
1977 जलियाँ वाला बाग़
1977 आधा दिन आधी रात
1977 महा बदमाश
1977 चोर सिपाही
1976 शक विनोद जोशी
1976 शंकर शंभु
1976 हेरा फेरी
1976 नेहले पे देहला
1976 लगाम
1975 ज़मीर
1975 सेवक
1975 प्रेम कहानी
1975 कैद वकील जय सक्सेना
1974 हाथ की सफाई शंकर कुमार
1974 इम्तहान प्रमोद शर्मा
1974 पत्थर और पायल
1974 चौकीदार गोपाल
1974 फ़रेबी
1974 कुँवारा बाप
1973 अचानक मेजर रंजीत खन्ना
1973 कच्चे धागे
1973 पाँच दुश्मन
1973 प्यार का रिश्ता
1973 अनोखी अदा गोपाल
1973 धमकी
1973 गद्दार
1972 दो यार
1972 सब का साथी
1972 परिचय
1972 एक खिलाड़ी बावन पत्ते
1972 एक हसीना दो दीवाने
1972 एक बेचारा
1972 परछाइयाँ
1971 दोस्त और दुश्मन
1971 एलान राम सिंह
1971 मेरे अपने श्याम
1971 मेमसाब अर्जुन
1971 हंगामा
1971 मेरा गाँव मेरा देश जब्बार सिंह
1971 रेशमा और शेरा विजय सिंह
1971 रखवाला श्याम
1971 प्रीतम अनिल ठाकुर
1971 जाने अनजाने पुलिस इंस्पेक्टर हेमंत
1971 हम तुम और वो विजय
1970 पूरब और पश्चिम
1970 सच्चा झूठा इंस्पेक्टर प्रधान
1970 आन मिलो सजना अनिल चौधरी
1970 मस्ताना इंस्पेक्टर प्रसाद
1969 नतीजा
1968 मन का मीत
बतौर निर्माता
1997 हिमालय पुत्र
नामांकन और पुरस्कार
1999 में उनको फ़िल्मों में उनके 30 वर्ष से भी ज्यादा समय के योगदान के लिए फिल्मफेयर के लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित भी किया गया।2018 में उन्हें मरणोपरांत भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च पुरस्कार, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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