प्रसिद्ध अभिनेत्री कुमकुम के जन्मदिन पर हार्दिक श्रद्धांजलि
22 अप्रैल 1934 को बिहार के शेखपुरा (अब) में जन्मीं कुमकुम का असली नाम ज़ैबुनिस्सा था। उनके पिता हुसैनाबाद के नवाब थे।
कुमकुम का जन्म का नाम जैबुन्निसा है। वह एक प्रतिष्ठित मुस्लिम परिवार में पैदा हुई उनके पिता का नाम सैयद मंज़ूर हसन और माँ का नाम खुर्शीद बानो था
कुमकुम ने अहमद खान से शादी की और एक बेटी को जन्म देने के बाद, उनका परिवार सऊदी अरब चला गया।
कुमकुम ने पहली भोजपुरी फिल्म "गंगा मैया तोहे पियारी चढ़ाईबो" (1963) में भी अभिनय किया था। दरअसल कुमकुम, गुरुदत्त की खोज मानी जाती हैं। गुरुदत्त को अपनी फिल्म आर पार (1954) के गाने "कभी आर कभी पार लागा तीरे नजर" का फिल्मांकन एक्टर जगदीप पर करना था लेकिन बाद में गुरुदत्त को लगा कि इसे किसी महिला पर फिल्माना चाहिए। उस समय, कोई भी इतना छोटा सा गाना करने के लिए सहमत नहीं हुआ। तब आखिरकार गुरुदत्त ने कुमकुम पर इस गीत का चित्रण किया। बाद में गुरु दत्त ने अपनी फिल्म प्यासा में भी उन्हें छोटा सा किरदार दिया।
कुमकुम ने अपने करियर में लगभग 115 फिल्मों में अभिनय किया। उन्हें मिस्टर एक्स इन बॉम्बे (1964), मदर इंडिया (1957), सन ऑफ इंडिया (1962), कोहिनूर (1960), उजाला, नया दौर, श्रीमान फंटूश, एक सपेरा एक लुटेरा में शानदार अभिनय के लिए जाना जाता है। वह अपने दौर के कई स्टार्स के संग काम कर चुकी थीं, जिनमें किशोर कुमार और गुरु दत्त का भी शामिल है
फ़िल्म सी आई डी (1956) का प्रसिद्ध गीत "ये है बॉम्बे मेरी जान", गीता दत्त द्वारा गाया गया था कुमकुम पर फिल्माया गया उन्होने शम्मी कपूर के साथ मेम साहब (1956) में एक साइड रोल किया और चार दिल चार राहें (1959) में शम्मी कपूर के साथ लीड रोल में अभिनय किया
उन्होने प्रख्यात कत्थक गुरु पंडित, शंभू महाराज द्वारा कत्थक में प्रशिक्षित लिया उन्होंने दिलीप कुमार के साथ फिल्म कोहिनूर (1960) में अपनी नृत्य प्रतिभा दिखाई। "मधुबन में राधिका नाचे रे" और "हाये जादुगर क़ातिल, हाज़िर है मेरा दिल", नौशाद द्वारा संगीतबद्ध आशा भोसले द्वारा गाया गया गीत कुमकुम पर फिल्माया गया था उन्होने किशोर कुमार के साथ गंगा की लहरें श्रीमान फंटूश, हाए मेरा दिल और मिस्टर एक्स इन बॉम्बे जैसी फिल्मों में काम किया मिस्टर एक्स इन बॉम्बे का गीत "खूबसूरत हसीना" फ़िल्म हाय मेरा दिल का गीत "इजाज़त हो तो फ़िल्म श्रीमान फंटूश का गीत "सुल्ताना सुल्ताना" और गंगा की लहरें का गीत "मचलती हुई" जैसे गाने किशोर-कुमकुम की जोड़ी पर फिल्माये थे जो आज भी लोकप्रिय है
कुमकुम लेखक निर्देशक रामानंद सागर की पसंदीदा अभिनेत्री थी। सागर ने 1968 की सुपरहिट फिल्म आँखे में धर्मेंद्र की बहन के रूप में कुमकुम को लेने का फैसला किया। 1970 में फ़िल्म गीत में कुमकुम को रामानंद सागर ने एक छोटी सी भूमिका लेकिन फ़िल्म ललकार (1972) में, उन्हें धर्मेंद्र के साथ कास्ट किया गया जबकि राजेंद्र कुमार को माला सिन्हा के साथ कास्ट किया गया था। कुमकुम को किरण कुमार के साथ जलते बदन (1973) में अभिनय करने का मौका मिला जिसका निर्माण, निर्देशन और लेखन एक बार फिर रामानंद सागर ने किया। 1973 में उन्हें फ़िल्म धमकी में विनोद खन्ना के कास्ट किया गया और युगल गीत "चाँद क्या है रूप का दर्पन" बेहद लोकप्रिय हुआ। उन्हें प्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित कॉमेडी फिल्म एक कुंवारा एक कुवारी में प्राण के साथ अभिनय करने का अवसर मिला यह एक ब्लॉकबस्टर फ़िल्म थी।
शादी के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दी
कुमकुम की मृत्यु 28 जुलाई 2020 को 86 वर्ष की आयु में मुंबई में उनके निवास स्थान पर हुई,
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