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बुधवार, 24 मई 2023

ललिता देउलकर


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*🎂जन्म *

*ललित पंचमी*
*Lalita Panchami*
*22nd*
*September 1925*
*Tuesday / मंगलवार*

*🕯️मृत्यु🕯️25 मई*

*पुराने जमाने की गायिका अभिनेत्री ललिता देउलकर की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रधांजलि*

ललिता देउलकर का जन्म 1925 में ललिता पंचमी के दिन हुआ था। 

*ललित पंचमी*
*Lalita Panchami*
*22nd*
*September 1925*
*Tuesday / मंगलवार*

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 उन्हें बचपन से ही संगीत पसंद था।  उनके चाचा पंढरीनाथ उर्फ ​​एन देउलकर एक शास्त्रीय गायक थे और उन्होंने बाबूराव गोखले से शास्त्रीय गायन सीखा था।

फिल्मों में उनका पहला ब्रेक एक सहायक अभिनेत्री के रूप में था।  उन्होंने 'निर्मला' और 'दुर्गा' सहित बॉम्बे टॉकीज की फिल्मों में अभिनय किया।  इसके बाद, उन्होंने पार्श्व गायन की ओर रुख किया और 60 से अधिक फिल्मों के लिए प्लेबैक सिंगिंग किया।  फिल्म "नदिया के पार" (1948) से मोहम्मद रफी "मोहे राजा हो ले चल नदिया के पार" के साथ उनका युगल गीत 1948 में बहुत लोकप्रिय हुआ।

उन्होंने प्रभात की "संत जनाबाई", "विट्ठल रुक्मिणी", "मी दारू सोडाली" और "सुहासिनी" सहित मराठी फिल्मों में भी प्लेबैक सिंगिंग किया।  उनके गाने भी यंग इंडिया ग्रामोफोन कंपनी द्वारा रिकॉर्ड किए गए थे।  उनमें से, "रानी जा_उ साख्य रे, शोभा पाहुसाख्या रे" काफी लोकप्रिय हुआ।

1949 में उन्होंने सुधीर फड़के से शादी की और धीरे-धीरे फिल्मों से दूर हो गईं।  पुणे के साहित्य परिषद हॉल में हुई उनकी शादी में, जाने-माने गायक मोहम्मद रफ़ी ने पारंपरिक धुन में लेकिन हिंदी में पारंपरिक 'मंगलाशतक' गाया।  इसके लिए उन्होंने पहले से ही काफी तैयारी कर ली थी।

पार्श्व गायिका के रूप में उनकी उल्लेखनीय फिल्मों में साजन (1947), नदिया के पार (1948) और शबनम (1949) शामिल हैं।

 25 मई, 2010 को उनकी मृत्यु हो गई।

ललिता देउलकर

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