मंडी के रंगमंच से लंबे अर्से तक जुड़े रहे टीवी एवं बड़े पर्दे के अभिनेता कपिल कश्यप का रविवार (Sunday) को हृदयघात से हो गया. सोमवार (Monday) को मंडी के ब्यास नदी के तट पर स्थित हनुमान घाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. इस अवसर पर उनके परिजनों के अलावा बड़ी संख्या में रंगकर्म से जुड़े कलाकार मौजूद रहे. वहीं पर कपिल के कालेज टाइम के साथी कलाकार रहे धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर विशेष रूप से मौजूद रहे. उन्होंने कपिल के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
वर्ष 1970 को मंडी शहर में जन्में कपिल कश्यप मंडी के रंगमंच के अहम कलाकार थे. उन्होंने कालेज समय में नुक्कड़ नाटकों से अभिनय की शुरूआत की. छात्र (student) राजनीति से जुड़े होने की वजह से वे शुरू से ही जुझारू प्रवृति के रहे. छात्र (student) जीवन से ही अभिनय की ओर रूझान होने की वजह से वे रंगमंच के प्रति समर्पित रहे. मंडी में रंगमंच के शुरूआती दौर में कपिल ने अंकुर कलामंच के साथ जुडक़र अपने अभिनय को निखारा. सुरेश शर्मा द्वारा निर्देशित बिलासपुर (Bilaspur) की सत्यघटना पर आधारित नाटक मोहणा में कपिल ने मोहणा का किरदार निभाकर अपनी अभिनय प्रतिभा की चमक बिखेरी. इसके बाद नेशनल स्कूल आफ ड्रामा में प्रवेश लेने के बाद कपिल ने पीछे मुडक़र नहीं देखा.
दिल्ली में रंगमंच व टीवी से जुडऩे के बाद मायानगरी का भी रूख किया. जहां भगत सिंह को लेकर बनी फिल्म में कपिल ने क्रांतिकारी यशपाल का किरदार निभाया था. वहीं पर फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन की वेब सीरिज अरण्यक में आशुतोष राणा के साथ दमदार अभिनय किया. अपने दोस्तों के बीच कपिल मुनी के नाम से विख्यात कपिल अपने आपमें खोये रहने वाले स्वभाव के व्यक्ति थे. उनके निधन से मंडी ही नहीं बल्कि हिंदी रंगमंच की दुनिया का एक नायाब कलाकार खो दिया है.
कपिल के कालेज फैलो रहे धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि कालेज के जमाने में कपिल सफदर हाश्मी के नुक्कड़ नाटक करते थे. इसे देखकर मेरा भी मन हुआ कि मैं भी नाटक में काम करूं, इस बारे जब कपिल से बात की तो उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी आप क्या रोल कर सकते हैं. जब मैंने जिद की तो बोले एक रोल है अगर तुम करना चाहो नाटक के दौरान बोरे का रोल है अगर तुम करना चाहो.
उन्होंने कहा कि कपिल ने मुझे नुक्कड़ नाटक में बोरे में डाल दिया इस तरह मेरा अभिनय का सफर उनके साथ शुरू हुआ. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व ही कपिल से उनकी फोन पर बात हुई थी और उन्हें कसोल स्थित अपने होटल (Hotel) में आमंत्रित किया था . चंद्रशेखर ने कपिल के निधन पर दुख व्यक्त किया और परिजनों विशेषकर उनके बेटे को सांत्वना दी.
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