लक्ष्मीकांत शांताराम कुदलकर का जन्म 3 नवंबर 1937 को लक्ष्मी पूजन के दिन हुआ था
25 मई 1998 में 60 साल की उम्र में नानावती अस्पताल, मुंबई में उनका निधन हो गया
महान संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के लक्ष्मीकांत की पुण्यतिथि पर हार्दिक श्रधांजलि
लक्ष्मीकांत शांताराम कुदलकर का जन्म 3 नवंबर 1937 को लक्ष्मी पूजन के दिन हुआ था, अपने जन्म के दिन की वजह से, उनका नाम लक्ष्मी रखा गया, जो देवी लक्ष्मी के नाम पर था। उन्होंने अपने बचपन के दिन मुंबई के विले पार्ले (पूर्व) की मलिन बस्तियों में अत्यंत गरीबी के बीच बिताया। उनके पिता की मृत्यु उस समय हो थी जब वे बच्चे ही थे। अपने परिवार की खराब वित्तीय हालत के कारण वे अपने शैक्षणिक शिक्षा भी पूरी नहीं कर सके। लक्ष्मीकांत के पिता के दोस्त, जो खुद एक संगीतकार थे उन्होंने लक्ष्मीकांत उनके बड़े भाई को संगीत सीखने की सलाह दी उसके बाद लक्ष्मीकांत ने सारंगी बजाना सीखा और उनके बड़े भाई ने तबला बजाना सीखा। उन्होंने जाने-माने सारंगी खिलाड़ी हुसैन अली की सोहबत में दो साल बिताए।
लक्ष्मीकांत ने अपनी फिल्म कैरियर की शुरुआत एक बाल अभिनेता के रूप में हिंदी फिल्म भक्त पुंडलिक (1949) और आंखें (1950) फिल्म से की। उन्होंन कुछ गुजराती फिल्मों में काम किया।
इस बीच घर की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए लक्ष्मीकांत ने संगीत समारोह में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। आगे चलकर वाद्य यंत्र मेंडोलियन बजाने की शिक्षा बालमुकुंद इंदौरकर से ली। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी के रूप में फ़िल्म जगत में अपने संगीत का लोहा मनवाकर ही माने। अपने कैरियर की शुरुआत में कल्याण जी आनन्द जी के सहायक के रूप में उन्होंने 'मदारी', 'सट्टा बाज़ार', 'छलिया' और 'दिल तेरा हम भी तेरे' जैसी कई फ़िल्मों में काम किया। इस जोड़ी पर संगीत का ऐसा जुनुन था कि मशहूर निर्माता-निर्देशक बाबू भाई मिस्त्री की क्लासिकल फ़िल्म 'पारसमणि' ने इनकी तक़दीर बदल कर रख दी। फिर पीछे मुड़कर देखने का मौक़ा ही नहीं मिला।
प्रसिद्ध गीत
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने हिन्दी सिनेमा को बेहतरीन गीत दिये उनमें कुछ के नाम नीचे दिये गये हैं।
सावन का महीना... (फ़िल्म- मिलन)
दिल विल प्यार व्यार... (फ़िल्म- शागिर्द)
बिन्दिया चमकेगी... (फ़िल्म- दो रास्ते)
मंहगाई मार गई... (फ़िल्म- रोटी कपड़ा और मकान)
डफली वाले... (फ़िल्म- सरगम)
तू मेरा हीरो है... (फ़िल्म- हीरो )
यशोदा का नन्दलाला... (फ़िल्म- संजोग)
चिट्ठी आई है... (फ़िल्म- नाम)
एक दो तीन... (फ़िल्म- तेज़ाब)
चोली के पीछे क्या है... (फ़िल्म- खलनायक)
निधन
25 मई 1998 में 60 साल की उम्र में नानावती अस्पताल, मुंबई में उनका निधन हो गया
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