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मंगलवार, 9 मई 2023

मृणालिनी साराभाई का

🎂जन्म की तारीख और समय: 11 मई 1918, चेन्नई
🪔मृत्यु की जगह और तारीख: 21 जनवरी 2016, अहमदाबाद💐
पति: विक्रम साराभाई (विवा. 1942–1971)
इनाम: पद्म भूषण, ज़्यादा
बच्चे: मल्लिका साराभाई, कार्तिकेय साराभाई
पोते या नाती: रेवांता साराभाई, अनाहिता साराभाई
बहन: लक्ष्मी सहगल
🫵

वह अहमदाबाद शहर में नृत्य, नाटक, संगीत और कठपुतली का प्रशिक्षण देने वाली एक संस्थान परफॉर्मिंग एकेडमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स की संस्थापक और निदेशक थीं। उन्हें अम्मा के तौर पर जाना जाता था। मृणालिनी साराभाई का जन्म भारतीय राज्य केरल में 11 मई, 1918 को हुआ था। [1] उनके पिता डॉ. स्वामीनाथन मद्रास हाईकोर्ट में बैरिस्टर थे। उनकी माँ अम्मू स्वामीनाथन स्वतंत्रता सेनानी थीं, जो बाद में देश की पहली संसद की सदस्य भी रहीं थी। बहन लक्ष्मी सहगल सुभाषचंद्र बोस के साथ थीं। मृणालिनी ने बचपन का अधिकांश समय स्विट्जरलैंड में हीं बिताया। [2] यहां 'डेलक्रूज स्‍कूल' से उन्‍होंने पश्चिमी तकनीक से नृत्‍य कलाएं सीखीं। फिर उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की देख-रेख में शांति निकेतन में शिक्षा ग्रहण की और वहीं से नृत्य उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गया। उनके पति विक्रम साराभाई देश के सुप्रसिद्ध भौतिक वैज्ञानिक थे। उनकी बेटी मल्लिका साराभाई भी प्रसिद्ध नृत्यांगना और समाजसेवी हैं।
मृणालिनी की बड़ी बहन लक्ष्मी सहगल स्वतंत्रता सेनानी के रूप में जानी जाती हैं। वे प्रसिद्ध क्रांतिकारी सुभाषचंद्र बोस की आज़ाद हिंद फ़ौज की महिला सेना झांसी रेजीमेंट की कमांडर इन चीफ़ थीं। मृणालिनी साराभाई ने नृत्य की अलग-अलग शैलियों की बारीकियां सीखीं। उन्होंने अमूबी सिंह से मणिपुरी नृत्य सीखा। कुंजु कुरूप से कथकली सीखा। मीनाक्षी सुदंरम पिल्लै और मुथुकुमार पिल्लै से भरतनाट्यम सीखा। उनके हर एक गुरू का अपनी अपनी कला में जबरदस्त योगदान था। इसी दौरान उन्होंने विश्वविख्यात सितार वादक पंडित रविशंकर के भाई पंडित उदय शंकर के साथ भी काम किया। पंडित उदय शंकर का भारतीय कला को पूरी दुनिया में अलग पहचान दिलाने का श्रेय जाता है। उन्होंने आधुनिक नृत्य को लोकप्रियता और कामयाबी के अलग मुकाम पर पहुंचाया। इस बीच मृणालिनी साराभाई कुछ दिनों के लिए अमेरिका भी गईं और वहां जाकर ड्रामाटिक आर्ट्स की बारीकियां सीखीं। इसके बाद मृणालिनी साराभाई ने देश दुनिया में भारतीय नृत्य परंपरा का विकास किया। मृणालिनी साराभाई ने भारत लौटकर जानी-मानी नृत्‍यांगना मीनाक्षी सुंदरम पिल्लई से भरतनाट्यम का प्रशिक्षण लिया और फिर दक्षिण भारतीय शास्त्रीय नृत्य और पौराणिक गुरु थाकाज़ी कुंचू कुरुप से कथकली के शास्त्रीय नृत्य-नाटक में प्रशिक्षण लिया
,🔴मृणालिनी साराभाई भारतीय शास्त्रीय नृत्य के सबसे प्रसिद्ध चेहरे में से एक थी. वह कोरियोग्राफर और एक नृत्य प्रशिक्षक भी थी.

वह जानेमाने वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की पत्नी थी जिन्होंने कम उम्र में ही अपनी टेक्नीक, ऊर्जा और मजबूती के दम पर भरतनाट्यम की साउथ इंडियन क्लासिकल डांस फॉर्म, कत्थकली क्लासिकल डांस ड्रामा और मोहिनीट्टम की ट्रेनिंग ली.

🎂11 मई 1918 को केरल में मृणालिनी साराभाई का जन्मछ हुआ था. वह प्रसिद्ध स्वामीनाथन परिवार में जन्मी थी. 1942 में उनका विवाह भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक एवं भौतिक विज्ञानी विक्रम साराभाई के साथ हुआ था. उनको प्यार से ‘अम्मा’ बुलाया जाता था.
शांतिनिकेतन में गुरदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के निर्देशन में मृणालिनी साराभाई की शिक्षा हुई थी. अमेरिकी कला अकादमी में कुछ समय उन्होंने नाटक कला का अध्ययन किया और फिर वह भारत लौट आई जहां उन्होंने भरतनाट्यम का प्रशिक्षण आरंभ किया था.
उन्होंने 1948 में दर्पण अकादमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स (Darpana Academy of Performing Arts) नामक एक अकादमी की स्थापना की जहां नृत्य, नाटक, संगीत और कठपुतली जैसी सभी तरह की कलाकारों को अध्ययन कराया जाता है. 18,000 से भी अधिक छात्रों को भरतनाट्यम और कथकली में उन्होंने प्रशिक्षण दिया.
आपको बता दें कि विक्रम साराभाई और मृणालिनी साराभाई के दो बच्चेe हैं. उनके बेटे कार्तिकेय साराभाई सेंटर ऑफ इन्वाकइरमेंट एजुकेशन के संस्थामपक हैं और बेटी मल्लिका साराभाई एक प्रमुख नृत्या गंना हैं.

1949 में मृणालिनी साराभाई ने पेरिस में डांस किया था जहां उन्होंने खूब वाहवाही बटोरी और तभी से उन्हें डांस करने के लिए दुनिया भर से बुलावा आने लगा. इतना ही नहीं आजादी के बाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के सामने मृणालिनी ने प्रदर्शन किया था जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा.

मृणालिनी साराभाई को वर्ष 1965 में पद्मश्री अवार्ड प्रदान किया गया था. वर्ष 1992 में भारत सरकार की और से पद्मभूषण अवार्ड से नवाजा गया. उन्हें वर्ष 1994 में संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप अवार्ड से भी नवाजा गया था. इतना ही नहीं उनको वर्ष 1997 में ईस्ट एन्जालिया विश्वविद्यालय ने डॉक्टर ऑफ लीटरेचर की उपाधि भी प्रदान की गई थी.

अम्मा की क्षमता न सिर्फ भारत में पहचानी गई थी, बल्कि फ्रेंच सरकार ने उन्हें फ्रेंच अभिलेखागार इंटरनेशनल डे ला डांसे का डिप्लोमा (Diploma of the French Archives Internationales de la Danse) और पदक भी प्रदान किया था. वह इस तरह के सम्मान प्राप्त करने वाली पहली भारतीय हैं.
1968 में उन्हें मैक्सिकन सरकार द्वारा मेक्सिको के Ballet Folklorico के लिए अपनी कोरियोग्राफी के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया था. वर्ष 1991 में, गुजरात सरकार ने भी उन्हें प्रदर्शन कला के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान के लिए पंडित ओमकारनाथ ठाकुर पुरस्कार से सम्मानित किया था.

. वह पहली नृत्यानगंना थी जिन्हें 2013 में करल सरकार ने निशगंधी पुरस्कारम (Nishagandhi Puraskaram) अवार्ड से नवाजा था.

मृणालिनी साराभाई क्लासिकल डांसर के अलावा एक कवियित्री, लेखकर और पर्यावरणविद् भी थीं. 21 जनवरी, 2016 को 97 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया. क्लासिकल डांस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का श्रेय मृणालिनी साराभाई को ही जाता है.

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प्रीति गांगुली

●▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬●   ꧁ *जन्म की तारीख और समय: 17 मई 1953, मुम्बई* *मृत्यु की जगह और तारीख: 2 दिसंबर 2012, मुम्बई* *भाई: भारती जाफ़री, ...