#18may
अल्ली जफर
🎂18 मई 1980
लाहौर , पंजाब , पाकिस्तान
राष्ट्रीयता
पाकिस्तानी
नेशनल कॉलेज ऑफ आर्ट्स
गवर्नमेंट कॉलेज यूनिवर्सिटी, लाहौर
एक गायक ,गीतकार ,अभिनेता,और चित्रकार है।
अली ज़फ़र का जन्म 18 मई 1980 को लाहौर , पंजाब, पाकिस्तान में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता, मोहम्मद जफरुल्लाह और कंवल अमीन , पंजाब विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे । उनके दो भाई हैं, ज़ैन और डेनियल; इनमें से बाद वाला एक व्यावसायिक मॉडल है जिसका लक्ष्य जल्द ही एक गायक और अभिनेता के रूप में अपना करियर शुरू करना है। जफर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएए पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। उन्होंने लाहौर के सरकारी कॉलेज और नेशनल कॉलेज ऑफ आर्ट्स से स्नातक की उपाधि प्राप्त की ।
जफर ने लाहौर के पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल में एक स्केच कलाकार के रूप में अपना करियर शुरू किया और फिर टेलीविजन धारावाहिकों में अभिनय करना शुरू किया। उन्होंने नाटक धारावाहिक कॉलेज जींस , कांच के पार और लांडा बाजार में अभिनय करके एक टेलीविजन अभिनेता के रूप में शुरुआत की ।
अली ज़फ़र एक पाकिस्तानी गायक-गीतकार, अभिनेता, मॉडल, निर्माता, पटकथा लेखक और चित्रकार हैं। एक लोकप्रिय संगीतकार बनने से पहले उन्होंने पाकिस्तानी टेलीविजन से शुरुआत की, बाद में बॉलीवुड में भी अपना करियर स्थापित किया और उनकी सफलता ने कई पाकिस्तानी अभिनेताओं को हिंदी फिल्मों में कदम रखने के लिए प्रेरित किया । उन्हें पांच लक्स स्टाइल पुरस्कार और एक फिल्मफेयर पुरस्कार नामांकन प्राप्त हुआ है।
अली जफर पढ़ाई-लिखाई में काफी अच्छे थे. उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा में टॉप किया था. अली को बचपन से ही पेंटिंग का शौक था. जब वह महज आठ साल के थे, तब वह पेंटिंग करने लगे. यहां तक कि एक्टिंग और सिंगिंग करियर में आने से पहले तक वह पेंटिंग ही करते थे. इसके बाद उन्होंने एक पाकिस्तानी शो से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की और फिल्मों में गाना गाने लगे. अली जफर को असली पहचान साल 2003 में रिलीज हुई एल्बम 'हुक्का पानी के गाने छन्नो' से मिली. इसके लिए उन्हें बेस्ट एल्बम और बेस्ट मेल आर्टिस्ट का अवॉर्ड भी मिला था.
पाकिस्तान में बैन हुई पहली फिल्म
गौर करने वाली बात यह कि अपने गुडलुक्स की वजह से अली जफर 2012 में 'एशिया मोस्ट सैक्सिएस्ट मैन' की लिस्ट में वह नंबर पर थे. इसके बाद उनकी शोहरत बढ़ती चली गई. उन्होंने साल 2010 में 'तेरे बिन लादेन' फिल्म से बॉलीवुड डेब्यू किया था. भारत में इसकी कहानी काफी पसंद की गई, जबकि पाकिस्तान में इस फिल्म को बैन कर दिया गया था.
जब किडनैप हो गए थे अली जफर
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एक दफा अली जफर को किडनैप भी कर लिया गया था. इसका किस्सा उन्होंने खुद अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में बयां किया था. उन्होंने लिखा था, '2009 में मेरा और आयशा का अपहरण कर लिया गया था. हम बच गए थे, लेकिन इसके बारे में हम बात नहीं करते हैं.' रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्टर के परिवार ने 25 लाख रुपये देकर उन्हें आजाद कराया था. अली जफर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि अपहरणकर्ताओं ने उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया था.
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